नई दिल्ली/नोएडा: डिजिटल पेमेंट सेक्टर की दिग्गज फिनटेक कंपनी पेटीएम (One97 Communications Limited) ने भारतीय परिवारों और खासकर टीनेजर्स (किशोरों) के लिए एक बेहद अनोखा और क्रांतिकारी फीचर 'पेटीएम पॉकेट मनी' (Paytm Pocket Money) लॉन्च किया है. इस नए फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और छात्र बिना अपना खुद का बैंक अकाउंट खोले भी सीधे अपने स्मार्टफोन से सुरक्षित यूपीआई (UPI) पेमेंट कर सकेंगे.
इस सुविधा के आने से बच्चों को जहां बार-बार माता-पिता से कैश मांगने या ऑनलाइन पेमेंट के लिए ओटीपी (OTP) का इंतजार करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, वहीं पैरेंट्स को अपने बच्चों के खर्चों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा का पूरा अधिकार मिलेगा.
NPCI के 'UPI Circle' पर आधारित है यह तकनीक
पेटीएम पॉकेट मनी फीचर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा हाल ही में पेश किए गए 'UPI Circle' (यूपीआई सर्कल) फ्रेमवर्क पर काम करता है. यह एक डेलीगेटेड पेमेंट मॉडल (Delegated Payment Model) है.
इसके तहत मुख्य बैंक अकाउंट होल्डर (यानी पैरेंट्स या परिवार का कोई भरोसेमंद वयस्क) अपने अकाउंट से किसी सेकेंडरी यूजर (जैसे उनके बच्चे) को डिजिटल पेमेंट करने की सीमित अनुमति दे सकता है. इसके लिए बच्चे को किसी अलग बैंक खाते या डेबिट कार्ड की कोई आवश्यकता नहीं होती.
खर्च और सुरक्षा की सीमाएं (UPI Limits & Safety Controls)
बच्चों द्वारा पैसों के किसी भी तरह के दुरुपयोग या साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए पेटीएम ने इस फीचर में बेहद सख्त और स्मार्ट सुरक्षा घेरा तैयार किया है:
मंथली खर्च की सीमा: पेटीएम पॉकेट मनी के तहत अधिकतम मासिक (Monthly) लिमिट ₹15,000 तय की गई है. पैरेंट्स अपनी मर्जी से इससे कम की भी कोई लिमिट (जैसे ₹1000 या ₹2000) सेट कर सकते हैं.
सिंगल ट्रांजैक्शन कैप: बच्चा एक बार में अधिकतम ₹5,000 से ज्यादा का भुगतान नहीं कर सकता.
शुरुआती 'कूलिंग-ऑफ' पीरियड: सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए, सेटअप होने के शुरुआती 30 मिनट तक केवल ₹500 तक का ही ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा. वहीं, पहले 24 घंटों के भीतर कुल खर्च की सीमा ₹5,000 तक सीमित रहेगी.
डिवाइस लॉक अनिवार्य: बच्चे के फोन में पेटीएम ऐप पर इस फीचर को चलाने के लिए फोन का स्क्रीन लॉक (PIN, पैटर्न या फिंगरप्रिंट) एक्टिव होना अनिवार्य है.
इन पर रहेगी पूर्ण पाबंदी: इस डिजिटल पॉकेट मनी के जरिए बच्चे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट को पेमेंट (International Payments) नहीं कर पाएंगे और न ही एटीएम या किसी अन्य माध्यम से कैश निकाल (Cash Withdrawal) सकेंगे.
पैरेंट्स के पास होगा 100% कंट्रोल और 'स्पेंड समरी'
पेटीएम का यह नया टूल पैरेंट्स की सबसे बड़ी चिंता यानी "बच्चा कहां और कितना खर्च कर रहा है" को पूरी तरह खत्म करता है.
रियल-टाइम ट्रैकिंग: जैसे ही बच्चा किसी दुकान पर क्यूआर (QR) कोड स्कैन करके या ऑनलाइन कोई पेमेंट करेगा, पैरेंट्स के फोन पर तुरंत उसका अलर्ट और नोटिफिकेशन आ जाएगा.
कैटेगरी अनुसार वर्गीकरण: यह फीचर पेटीएम के 'स्पेंड समरी' (Spend Summary) टूल के साथ इंटीग्रेट किया गया है. यह बच्चों द्वारा किए गए खर्चों को ऑटोमैटिकली वर्गीकृत (जैसे- फूड, ट्रैवल, बुक्स आदि) कर देता है, जिससे पैरेंट्स महीने के अंत में खर्च का पैटर्न समझ सकते हैं.
एक्सेस ब्लॉक करने की सुविधा: अगर पैरेंट्स को लगता है कि लिमिट को बदलना है या इस सुविधा को कुछ समय के लिए रोकना है, तो वे अपने पेटीएम ऐप में जाकर अपने यूपीआई पिन (UPI PIN) के जरिए तुरंत एक्सेस को फ्रीज या पूरी तरह से बंद (Revoke) कर सकते हैं.
रोजमर्रा के खर्चों के लिए बच्चों को मिली 'डिजिटल फ्रीडम'
आमतौर पर भारत में स्कूल या कॉलेज जाने वाले छात्र अपनी कैंटीन के खर्च, मोबाइल रिचार्ज, मेट्रो या कैब के किराए और छोटी-मोटी स्टेशनरी की खरीदारी के लिए पूरी तरह कैश या माता-पिता के फोन पर निर्भर रहते थे. कई बार ऑनलाइन पेमेंट के लिए उन्हें पैरेंट्स से वॉट्सऐप पर क्यूआर कोड भेजकर या कॉल करके ओटीपी मांगना पड़ता था.
पेटीएम पॉकेट मनी इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और निर्बाध बनाता है. अब बच्चे अपने खुद के मोबाइल से स्वतंत्र रूप से सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे. कंपनी का मानना है कि इससे बच्चों में कम उम्र से ही जिम्मेदार डिजिटल वित्तीय आदतें (Responsible Money Habits) विकसित करने में मदद मिलेगी.
अपने बच्चे के लिए कैसे शुरू करें 'पेटीएम पॉकेट मनी'? (Step-by-Step Setup Guide)
इस फीचर को एक्टिव करने की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे पैरेंट्स अपने पेटीएम ऐप से महज दो मिनट में सेटअप कर सकते हैं:
सबसे पहले अपने और अपने बच्चे के स्मार्टफोन में Paytm App को गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें.
पैरेंट्स अपने पेटीएम ऐप को खोलें और होम स्क्रीन पर दिख रहे 'To Mobile / Contact' विकल्प पर टैप करें.
यहां आपको 'Pocket Money' का नया विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें.
अपने बच्चे का मोबाइल नंबर या कांटेक्ट सिलेक्ट करें और उनका UPI QR कोड या UPI ID दर्ज करें.
सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक दस्तावेजों (जैसे आधार या अन्य क्रेडेंशियल्स) का वेरिफिकेशन पूरा करें.
बच्चे के लिए एक मंथली स्पेंडिंग लिमिट (मासिक सीमा) तय करें.
अपना प्राइमरी बैंक अकाउंट चुनें और अपना पेटीएम यूपीआई पिन (UPI PIN) डालकर सेटअप को सबमिट करें.
इसके बाद आपके बच्चे के पेटीएम ऐप पर एक इनविटेशन (Invitation) जाएगा, बच्चे द्वारा उसे एक्सेप्ट करते ही यह फीचर तुरंत एक्टिव हो जाएगा.
पेटीएम का यह कदम भारत के कैशलेस और डिजिटल रूप से साक्षर समाज की ओर बढ़ते कदमों में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो सुरक्षा और स्वतंत्रता का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है.
पेटीएम की नई डिजिटल क्रांति: बिना बैंक अकाउंट बच्चे भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, लॉन्च हुआ 'Paytm Pocket Money' फीचर; पैरेंट्स के हाथ में होगा पूरा कंट्रोल