गुरुग्राम। हरियाणा सरकार द्वारा पुलिस प्रशासनिक अमले में किए गए बड़े फेरबदल के बाद, वर्ष 1999 बैच के वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी शिवास कविराज (Sibash Kabiraj) ने बुधवार को आधिकारिक रूप से गुरुग्राम के नए पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि गुरुग्राम को पूरी तरह से 'अपराध मुक्त शहर' बनाना, साइबर क्राइम पर लगाम लगाना और सड़कों पर 'सुरक्षित एवं सुगम ट्रैफिक व्यवस्था' सुनिश्चित करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं होंगी.
मूल रूप से रांची (झारखंड) के रहने वाले आईपीएस शिवास कविराज इससे पहले पंचकूला के पुलिस आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. उन्होंने गुरुग्राम के निवर्तमान पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा (1998 बैच) का स्थान लिया है, जिन्हें अब पंचकूला पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) प्रशासन के पद पर नियुक्त किया गया है.
### पदभार संभालते ही एक्शन में नए कमिश्नर: बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
कार्यालय पहुंचने पर गुरुग्राम पुलिस के आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए पुलिस आयुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके तुरंत बाद कमिश्नर शिवास कविराज ने बिना कोई समय गंवाए पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों, उपायुक्तों (DCPs) और सहायक आयुक्तों (ACPs) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.
इस पहली परिचय और समीक्षा बैठक में उन्होंने शहर की मौजूदा कानून व्यवस्था, पिछले कुछ समय के अपराध ग्राफ, महिला सुरक्षा, संगठित अपराध और खासकर साइबर ठगी के हॉटस्पॉट्स को लेकर बारीकी से फीडबैक लिया. उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि पुलिस की कार्यशैली में पूरी तरह से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म दिखना चाहिए.
### ‘अच्छों से बैर नहीं, बदमाशों की खैर नहीं’ – अपराधियों को सख्त संदेश
कमिश्नर ने गुरुग्राम की जनता को सुरक्षित माहौल देने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए अपनी नीति स्पष्ट कर दी है. उनके अनुसार, गुरुग्राम पुलिस की नीति बिल्कुल साफ रहेगी—"अच्छों से बैर नहीं, बदमाशों की खैर नहीं". उन्होंने अपराधियों, गैंगस्टरों और अवैध धंधों में लिप्त असामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर सिटी में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या अवैध गतिविधियां नहीं चलने दी जाएंगी.
विशेष रूप से संगठित अपराध और जबरन वसूली (Extortion) जैसी वारदातों को कुचलने के लिए क्राइम ब्रांच की टीमों को और अधिक सक्रिय और आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी ताकि व्यापारी, कॉर्पोरेट घराने और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
### साइबर अपराध और कॉर्पोरेट सुरक्षा पर विशेष ध्यान
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और मिलियनेयर सिटी के रूप में विकसित हो रहे गुरुग्राम में साइबर अपराध एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. शिवास कविराज के पास पहले से ही पंचकूला में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) साइबर का कार्यभार रहा है, जिससे उन्हें साइबर जगत के अपराधों और उनकी जांच का व्यापक और गहरा अनुभव है.
बैठक के दौरान उन्होंने साइबर क्राइम थानों की समीक्षा की और कहा कि आम लोगों को डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए वे जल्द ही एक बेहद ठोस और आधुनिक रोडमैप लेकर आ रहे हैं. इसके तहत न केवल साइबर अपराधियों की धरपकड़ तेज होगी, बल्कि आम जनता के बीच अवेयरनेस (जागरूकता) बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे. साथ ही, वैश्विक स्तर की मल्टीनेशनल कंपनियों और टेक पार्कों की सुरक्षा के लिए विशेष कॉर्पोरेट सुरक्षा अलाइनमेंट तैयार किए जाएंगे.
### ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती
सड़कों पर लगने वाला भीषण ट्रैफिक जाम और नेशनल हाईवे-48 सहित प्रमुख चौराहों पर होने वाले जानलेवा हादसे गुरुग्राम की एक और बड़ी बुनियादी समस्या हैं. इस मुद्दे पर बात करते हुए नए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाना उनकी दैनिक प्राथमिकताओं में शामिल है.
उन्होंने ट्रैफिक विंग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख चोक पॉइंट्स, अवैध कट्स और ब्लैकस्पॉट्स की पहचान की जाए, जहां बार-बार जाम लगता है या दुर्घटनाएं होती हैं. इंजीनियरिंग कमियों को दूर करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) जैसे विभागों के साथ मिलकर ज्वाइंट एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि धरातल पर जल्द से जल्द बड़े और सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगें.
### मित्रवत और संवेदनशील पुलिसिंग का वादा
कमिश्नर शिवास कविराज ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति मित्रवत और मददगार होना चाहिए. उन्होंने थानों और चौकियों के प्रभारियों (SHOs) को सख्त हिदायत दी कि किसी भी थाने या पुलिस चौकी में आने वाले हर एक फरियादी और पीड़ित व्यक्ति की बात को पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ सुना जाए.
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि जनता को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए उच्च अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि निचले स्तर पर ही उनकी समस्याओं का त्वरित और कानूनी समाधान सुनिश्चित किया जा सके. आमजन के साथ संवाद बढ़ाने और पुलिस-पब्लिक पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए आरडब्ल्यूए (RWA) और नागरिक कमेटियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे पुलिस और जनता के बीच का आपसी विश्वास और अधिक मजबूत हो सके.
### दो दशकों से अधिक का शानदार अनुभव
आईपीएस शिवास कविराज का पुलिसिंग करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है. 20 सितंबर 1999 को सेवा में शामिल होने वाले कविराज ने हरियाणा के कई चुनौतीपूर्ण जिलों जैसे करनाल, हिसार, यमुनानगर, फरीदाबाद, मेवात, अंबाला और भिवानी में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया है. इसके अतिरिक्त वे स्टेट क्राइम ब्रांच, कमांडो विंग और स्टेट विजिलेंस ब्यूरो जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं.
खास बात यह है कि वह पहले गुरुग्राम में संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) के पद पर भी रह चुके हैं, जिससे वे शहर की भौगोलिक स्थिति, यहां की अनूठी चुनौतियों और अपराध के पैटर्न से पहले से ही भली-भांति वाकिफ हैं. इसके अलावा उन्होंने विदेश मंत्रालय के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO), चंडीगढ़ के रूप में भी एक लंबा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है. उनके इस समृद्ध और बहुआयामी प्रशासनिक अनुभव का सीधा लाभ अब साइबर सिटी गुरुग्राम की कानून व्यवस्था और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मिलेगा.