नई दिल्ली: बेंगलुरु से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के एक यात्री विमान में उड़ान के दौरान अचानक आग लगने की खौफनाक घटना सामने आई है। विमान में आग लगने की खबर से हवा में ही यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच हड़कंप मच गया। पायलट ने बेहद सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए तुरंत दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया, जिसके बाद राजधानी के एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग (आपातकालीन लैंडिंग) कराई गई।
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा, पहले से मुस्तैद दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने मोर्चा संभाला और स्थिति पर काबू पाया। इस बेहद गंभीर घटना ने एक बार फिर से विमानों के रखरखाव और हवा में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आसमान में अचानक दिखा धुआं, थम गईं यात्रियों की सांसें
जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया की यह नियमित उड़ान (फ्लाइट) कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। विमान अपनी तय ऊंचाई पर उड़ रहा था और यात्रा सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी। लेकिन जैसे ही विमान दिल्ली के हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचने वाला था, क्रू मेंबर्स और कुछ यात्रियों ने विमान के पिछले हिस्से में हल्का धुआं उठता हुआ देखा।
देखते ही देखते धुआं बढ़ने लगा और विमान के एक इंजन या विंग के पास आग की लपटें दिखाई देने की बात कही गई। विमान के भीतर धुएं की गंध फैलते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान में आग लगने की खबर ने सभी को खौफ से भर दिया। कई यात्री भगवान से अपनी जान की सलामती की दुआ मांगने लगे, तो वहीं क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभालने और यात्रियों को शांत रखने का प्रयास शुरू कर दिया।
पायलट की सूझबूझ और दिल्ली एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी'
विमान के कॉकपिट में जैसे ही आग लगने के वॉर्निंग इंडिकेटर चमके, पायलट ने बिना एक सेकंड गंवाए दिल्ली एटीसी (ATC) को इसकी सूचना दी और 'मेडे' (Mayday) यानी आपातकालीन स्थिति का संदेश भेजा। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हवाई अड्डे पर 'फुल इमरजेंसी' (Full Emergency) घोषित कर दी।
एयरपोर्ट के मुख्य रनवे को इस विमान के लिए पूरी तरह खाली करा दिया गया और अन्य उड़ानों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। रनवे के चारों तरफ दिल्ली फायर सर्विस की दमकल गाड़ियां, एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीमें और आपातकालीन सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए ताकि विमान के उतरते ही किसी भी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
पायलट ने बेहद तनावपूर्ण माहौल में भी अपना आपा नहीं खोया और हवा के रुख को भांपते हुए विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली के रनवे पर लैंड करा दिया। विमान के रुकते ही इमरजेंसी गेट्स (आपातकालीन निकास) खोल दिए गए और 'इन्फ्लेटेबल स्लाइड्स' के जरिए सभी यात्रियों को एक-एक करके बेहद तेजी से बाहर निकाला गया।
एअर इंडिया का आधिकारिक बयान और यात्रियों का अनुभव
इस भयानक हादसे के बाद एअर इंडिया के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की। एयरलाइन की ओर से कहा गया, "बेंगलुरु से दिल्ली आ रही हमारी उड़ान में एक तकनीकी खराबी (संभावित इंजन फायर) के संकेत मिले थे। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पायलट ने तुरंत आपातकालीन लैंडिंग का फैसला किया। विमान दिल्ली में पूरी तरह सुरक्षित उतर गया है। सभी यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में लाया गया है और उनके लिए जलपान व आगे की यात्रा या सामान की व्यवस्था की जा रही है। हम यात्रियों को हुई इस असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हैं।"
वहीं, विमान से सुरक्षित बाहर निकले कुछ यात्रियों ने अपना खौफनाक अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह उनकी जिंदगी के सबसे डरावने पल थे। एक यात्री ने बताया, "अचानक कैप्टन की आवाज आई कि हम आपातकालीन लैंडिंग कर रहे हैं। खिड़की से बाहर देखने पर हल्का धुआं दिखाई दे रहा था। हमें लगा कि आज हम नहीं बचेंगे। लेकिन पायलट ने जिस तरह विमान को संभाला और एयरपोर्ट पर जैसी त्वरित तैयारियां थीं, उसी वजह से आज हम सब जिंदा हैं।"
विमान सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल
हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस घटना ने विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) और एअर इंडिया के प्रबंधन के सामने कई कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में भारतीय विमानन क्षेत्र में तकनीकी गड़बड़ियों, इंजन में खराबी और उड़ानों के दौरान धुआं निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विमान के उड़ान भरने से पहले उसकी गहन तकनीकी जांच (Pre-flight inspection) होती है। ऐसे में बेंगलुरु से उड़ान भरने से पहले विमान के इंजन की जांच सही तरीके से क्यों नहीं की गई? क्या विमान के रख-रखाव (Maintenance) में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी? क्या विमान का इंजन अपनी तय समय सीमा से अधिक समय से काम कर रहा था? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
निष्कर्ष
बेंगलुरु-दिल्ली एअर इंडिया की फ्लाइट में लगी आग और उसकी दिल्ली में हुई इमरजेंसी लैंडिंग की यह घटना एक बड़ा सबक है। यह हादसा दिखाता है कि विमानन क्षेत्र में जरा सी भी लापरवाही सैकड़ों मासूम जिंदगियों को दांव पर लगा सकती है। गनीमत रही कि समय रहते पायलट और एटीसी के बीच सही तालमेल ने एक बहुत बड़े विमान हादसे को टाल दिया, जिससे देश ने एक बड़ी त्रासदी को देखने से खुद को बचा लिया। अब देखना होगा कि डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में आग लगने के असल कारणों का क्या खुलासा होता है और दोषी तकनीकी कर्मियों या प्रबंधन पर क्या कार्रवाई की जाती है।
बेंगलुरु-दिल्ली एअर इंडिया की फ्लाइट में लगी आग, दिल्ली में हुई इमरजेंसी लैंडिंग